कोरोना महामारी (COVID-19) के इस कठिन समय में कुछ मुट्ठी भर साहसी लोग अपने कर्तव्य को सबसे ऊपर रखकर अपनी जान की परवाह किये बगैर रोजाना एक नई मिसाल पैदा कर रहे है.. ऐसे ही जाबांज कोरोना वोर्रियार्स को सलाम करती है ये स्टोरी.


नमस्ते दोस्तों,

ये कहानी है तमिलनाडु के एक छोटे से जिले तिरुवन्नामलई की, 14 जून की एक दोपहर रोज की ही तरह जाबांज इंस्पेक्टर एम अल्लिरानी (M. Allirani) अपने पोलिस स्टेशन में काम कर रही थी तभी उन्हें सूचना मिलती है की दूर एक गाँव में गन्ने के खेतो के किनारे किसी अजनबी की लाश मिली हैं,

खबर पाते ही इंस्पेक्टर “एम अल्लिरानी” उस जगह पहुच जाती है,वहाँ वो देखती है की लोगो की भीड़ पहले से ही लाश को घेरे खड़ी है, पूछताछ के बाद उन्हें पता लगता है की ये लाश तो इसी गाँव में रहने वाले 35 वर्षीय अम्मवासी की है.

जब मृत पड़े अम्मवासी के घरवालो को इस बात की सुचना दी जाती है तो उसके घर वाले अम्मवासी को पहचान तो लेते हैं लेकिन कोरोना महामारी के डर से अपने परिवार के सदस्य के मृत शरीर को ही हाथ लगाने से भी माना कर देते है

पोलिस की ट्रेनिंग में सबसे पहले ये बात बताई जाती है की इस तरह के किसी भी घटनाक्रम में जख्मी व्यक्ति की जान बचाने और  भीड़ को बेकाबू होने से रोकने के लिए एक पोलिस ऑफिसर का पहला काम होता है की वह घटना स्थल से जख्मी व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुचाये और भीड़ को बेकाबू होने से रोके.

मौके को भापते हुए अल्लिरानी सबसे पहले मृत शरीर को घटनास्थल से हटाने का फैसला लेती है,जब वह इस काम के लिए आस पास खड़े लोगो की मदद मांगती है तो पूरा गाव जैसे एक कदम पीछे हटा लेता है, स्थिति और भी न बिगड़े इसलिए अल्लिरानी अपनी अभूतपूर्व हिम्मत का परिचय देते हुए स्वयं अपनी जान की परवाह किये बगैर मृत शरीर को पैरो से खीचकर अपनी गाड़ी तक लेन की कोशिश करती है.

अकेली महिला इंस्पेक्टर “एम अल्लिरानी” की इस हिम्मत को देखते हुए वहाँ खड़े ऑटो ड्राईवर “मोहन” भी अपने आप को रोक नहीं पाते और अंततः दोनों मिलकर मृत अम्मवासी के शरीर को अस्पताल पहुचाते है.

इंस्पेक्टर “एम अल्लिरानी” के इस हिम्मत पूर्ण काम की चर्चा जब शहर और डिपार्टमेंट तक पहुचती है तो सारे स्टाफ और अफसरो का सीना गर्व से ऊचा हो जाता है.

तिरुवन्नामलई जिले के कलेक्टर के.एस. कंधास्वामी (collector K.S. Kandasamy) ने “एम अल्लिरानी” को अपने इस साहसिक कार्य के लिए स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित करने का फैसला करते है और साथ ही प्रोटोकॉल तोड़कर सेलूट भी लगाते है, जिसका वायरल विडियो आपने जरुर देखा भी होंगा.

अपने कर्त्तव्य के लिए आपनी जान को भी दांव पर लगा देने वाले इन Corona Warriors को हमारा एक बार फिर से सलाम.

थैंक्स.