दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका का अगला राष्ट्रपति कौन होगा इसका फैसला 3 नवम्बर 2020 को होने वाला है,तो चलिए जानने की कोशिश करते हैं के आखिर कैसे चुना जाता है दुनिया के सबसे ताकतवर शख्स को !!!


नमस्ते दोस्तों,

हम सभी जानते हैं की साल 2020 अपने साथ कोरोना वायरस भी लेकर आया, आज पूरी दुनिया इसी वायरस से  बड़ी ही हिम्मत के साथ मुकाबला कर रही हैं और जीत भी रही है.

कोरोना के आलावा इस साल दूसरी बड़ी खबर जिस पर पुरे विश्व की नजर है  वह हैं अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव्, इन चुनाव परिणामो का असर न सिर्फ वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पढता है , बल्कि इसके अलावा भी विश्व राजनीती, रक्षा और पर्यावरण जैसे अनेक वैश्विक मुद्दे है जो इससे सीधे-सीधे प्रभावित होते हैं.

अमेरिका की राजनीती में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स ये दो प्रमुख पार्टियां हैं,
ऐसा नहीं हैं के इनके अलावा कोई पार्टी है ही नहीं, बहुत-से छोटे राजनीतिक दल भी हैं जैसे के लिबरल और ग्रीन पार्टिया जो चुनाव परिणामो को प्रभावित जरुर करती है.

इस बार डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रत्याशी जो बाइडेन और रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से अमेरिका के वर्तमान प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प एक बार फिर मैदान में हैं.

राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने वाली है और 3 नवंबर को अमेरिका की जनता अपने नए नेता के लिए मतदान डालेगी.

US Presidential Election 2020

सबसे पहले राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनने की तीन प्रमुख शर्ते –

1 उम्मीदवार को अमेरिका का नागरिक होना चाहिए.
2. उम्मीदवार की उम्र 35 वर्ष से अधिका होनी चाहिए.
३. उम्मीदवार कम से कम अमेरिका में 14 साल रहा हो.

कौन कर सकता है मतदान – अमेरिकी का संविधान 18 साल से ज़्यादा उम्र वाले सभी अमेरिकी नागरिकों को फेडेरल (राष्ट्रीय), राज्य और स्थानीय चुनावों में मतदान का अधिकार देता है.

अमेरिकी चुनाव प्रक्रिया दो फेस में होती है, आइये एक एक फेस अलग अलग समझने की कोशिश करते हैं

फेस-1 :  आप ऐसा मान सकते हैं की इस फेस में उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग करती है, ये स्क्रीनिंग दो प्रकार से होती है जो कहलाती है प्राइमरी या कॉकसस

प्राइमरी और कॉकसस प्रक्रिया –

सबसे पहले ये दोनों प्रमुख पार्टिया अपने अपने उम्मीदवारों का राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में चयन करती हैं,
प्रमुख पार्टियों द्वारा अपने उम्मीदवार चुनने की प्रक्रिया दो प्रकार की होती है जिन्हें ही प्राइमरी और कॉकसस प्रक्रिया कहा जाता है:
प्राइमरी प्रक्रिया – प्राइमरी प्रक्रिया द्वारा चुनाव राज्य सरकारें कराती हैं अपने अपने पार्टी समर्थको से खुले में या बंद कमरों में दोनों ही तरह पार्टी उम्मीदवार का चयन करा सकती है
कॉकसस प्रक्रिया – ये प्रक्रिया बेहद अहम होती है क्योंकि इसमें पार्टी समर्थक किसी एक जगह को इकट्ठा होते हैं और वहां अलग-अलग मुद्दों पर बहस करते हैं.
उम्मीदवारी के लिए खड़े हुए पार्टी नेताओं की बात सुनते हैं और अपने उम्मीदवार का चयन करते हैं.

यहाँ तक तो क्लियर है न, नहीं हुआ तो गरम समोसा और ठंडी-ठंडी कोल्द्रिंग गटक लीजिये 🙂

फेस-2 : फेज़ 1 की प्रक्रिया के खत्म होने के बाद दूसरी प्रोसेस नेशनल कन्वेंशन की शुरुआत होती है ये काफी अहम् प्रोसेस होती है क्योकि इसी में पार्टिया अपने प्रेसिडेट कैंडिडेट का
ऑफिशियली एनाउंसमेंट करती है, चुना गया राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार एक भाषण देता है और अपनी उम्मीदवारी को स्वीकार करता है.
साथ ही राष्ट्रपति का उम्मीदवार मर्जी से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का चयन करता है.

Candidates

देश भर में प्रचार के लिए कुच – राष्ट्रपति चुनाव की असल प्रक्रिया यहां से शुरू होती है जब दोनों पार्टियों के दिग्गज असल मायनों में अपनी-अपनी उम्मीदवारी के लिए पूरे देश में प्रचार शुरू करते हैं.
चुनाव प्रचार के दौरान भले ही सभी उम्मीदवार अलग-अलग इलाके में जाकर रैलियां करते हो लेकिन टीवी डिबेट्स ही वह असली मुद्दा है जिनके आधार पर
अधिकतर वोटर प्रभावित होते हैं. यह डिबेट्स भी दो तरह की होती हैं पहली प्राइमरी
लेवल की डिबेट जो पार्टी के कैंडिडेट के बीच में होती है और दूसरी प्रेसिडेंशियल डिबेट जो दोनों पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के बीच में होती है.

voting

अंतिम कदम – मतदान – अमेरिका में राष्ट्रपति के लिए वोटिंग सीधे जनता द्वारा नहीं होती ठीक वैसे ही जैसे इंडिया काराष्ट्रपति का चुनाव भी जनता सीधे नहीं करती है, अमेरिका की जनता एक इलेक्टर का चुनाव स्थानीय तौर पर करती है. जो आगे चलकर राष्ट्रपति को चुनते हैं.

एक तरह से आप ये मान सकते हो की जनता के प्रतिनिधि होते है जैसे हमारे यहाँ सांसद होते हैं. इन इलेक्टर्स के समूह को इलेक्टोरल कॉलेज कहा जाता है. अमरीका के राष्ट्रपति  चुनाव के अलग अलग राज्यों से कुल 538 प्रतिनिधि चुने जाते है  जो आगे चलकर वोटिंग करते हैं. अगर उम्मीदवार 70 से ज़्यादा इलेक्टर्स का वोट हासिल कर लेता है तो वह राष्ट्रपति घोषित कर दिया जाता है.

धन्यवाद.